//कभी किसी को अपने आप से कम मत समझो ❤️

कभी किसी को अपने आप से कम मत समझो ❤️

By |2020-03-02T11:21:46+00:00February 29th, 2020|Inspiring Story|

कभी किसी को अपने आपसे कम मत समझो.

आज का मेरा जो विषय है वो इसी पर आधारित है. हम सभी अपने जीवन में कई अनुभव करते हैँ और किया भी होगा, अनुभव ही हमें अपने जीवन में आने वाले कई ऐसे नकारात्मक घटनाओ से बचाते  हैँ जिनके लिए हम सही निर्णय ले पाते हैँ,  जो घटनाये हमें नुकसान भी पहुंचा सकती है या हमारे लिए एक सीख भी दे जाती हैँ या हो सकता है हमें किसी ऐसे अनुभव से अवगत भी करा दे जो की हमारे लिए बहुत ही जरुरी भी हो. ऐसी ही एक घटना कुछ दिन पहले मेरे साथ हुई जो मै आप सबको इससे अवगत करना चाहती हूं.

मै आपको अपनी कहानी सुनाऊँ इससे पहले एक बात जरूर कहना चाहूंगी की…..

“कभी भी किसी से खुद को कम मत समझना और भूल के भी कभी किसी और को खुद से कम मत समझना”.

हम सभी अलग सोच रखते हैँ,  चेहरा अलग है  , काया  अलग है, रंग-रूप अलग है, विचार अलग है, भावनाएं अलग है, यहाँ तक की हाथ की रेखाएं भी अलग हैँ, तो अगर आप किसी को कमजोर या बेकार या बुद्धिहीन समझते हैँ तो यह  पूरी तरह से आपकी ही नासमझी है.

सामने वाले को पता है वो क्या है कितना बुद्धिमान कितना सरल कितना चालाक कितना समझदार और कितना बेवकूफ़ तो आप यह निर्धारित करने की गलती कत्तई ना करे की कौन क्या एवं कितना है.

मै एक ऑफिस में काम करती थी.जैसा की मेरे घर मे कुछ ठीक नहीं चल रहा था आर्थिक परेशानिया बहुत थी और शारीरिक रूप से बीमार होने के कारण माता पिता नहीं चाहते थे की मै जॉब करू लेकिन फिर भी मैंने नौकरी करने का फैसला लिया कई जगह इंटरव्यू भी दिया तो एक जगह सिलेक्शन हुआ मै भी खुश हुई की नौकरी लग गयी है कुछ पैसा आएगा तो मै घर मे कुछ तो सहयोग कर पाऊँगी.घर मे भी सब बहुत खुश थे. मेरी सैलरी 6000/- थी यह एक तरह से कम थी लेकिन मैंने सोचा कुछ ना बेहतर है की कुछ तो है 🙂.और फिर मैंने जॉइनिंग भी कर लिया. काम करने लगी मुझे कोई ऑफर लेटर या कॉल लेटर जैसा कुछ नहीं मिला.जब  जिसकी सैलरी मिलनी होती थी उसके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता था. कहानी तो खैर बहुत लम्बी है लेकिन मै प्रयास करुँगी की कम शब्दो मे ही अपनी बात ख़त्म करूँ.

मैंने ऍम.कॉम किया है, मै गाना भी गाती हूं और मै एक स्केच आर्टिस्ट भी हूं. यहां का काम डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड था जिसमे poster और thumbnail बनाने जैसा काम होता था जिसे मैंने 3-4 दिनों मे ही सीख  लिया. मै अपना काम करती थी अच्छे से, हमेशा यह  प्रयास करती थी की कभी किसी को मौका ना दूँ और मेरे काम से, मेरी तत्परता से, काम करने के तरीके से,  मेरी लगन से सब खुश भी रहते थे, मै हमेशा एक काम के साथ उसके आगे के दिनों के काम को एडवांस मे कर के रखती थी और मेरे इसी काम से सब मुझसे खुश रहते थे. अगले महीने मेरी सैलरी भी बढ़ाई गयी इतना सब के बाद भी बिना मेरी गलती के मुझे डांटा जाने लगा और यह तब से होने लगा जबसे ऑफिस मे एक और employee आ गया.और वो ऑफिस की ही एक लड़की का भाई था.मुझे यह  ज़रा भी एहसास नी था की मेरे साथ ऐसा होगा. हर दिन बिना मेरी गक्ति के मुझे डांट सुन नी पड़ती  थी सबके सामने मै यह सोच के चुप रहती की पैसो की ज़रूरत है घर में. यही चलता रहा कई दिनों तक. फिर एक दिन हद की सीमा ही ख़त्म हो गयी उस दिन मुझे मेरे माँ बाप, घर के संस्कार, अनपढ़,  बेवकूफ़, बद्तमीज और…… और भी दुनिया भर के अपशब्दों से नवाज़ा गया उस दिन मै नहीं सुन पायी.मुझे कमज़ोर कहा गया, बुद्धिहिन्  कहा गया.

मुझे बस एक ही बात समझ आ रही थी की जहाँ माँ बाप की बेइज़ती हो वहां मै एक पल भी नहीं रुक सकती. मैंने जवाब दे दिया जिसके चलते मुझे ऑफिस से निकल दिया गया मुझे मेरी सैलरी भी नहीं दी गयी.मै घर आयी सबको यह बात बताई और फिर लखनऊ के वीमेन पावर लाइन नंबर 1090 पर  अपनी शिकायत दर्ज़ कराई. मेरी शिकायत दर्ज़ कर दी गयी और पुलिस सहायता दी गयी. पुलिस की कॉल आयी मुझ से पूछा गया और मैंने हर एक बात बताई.

मैंने ठान लिया था की ऐसे लोगों को सबक सीखा के रहूंगी अब चाहे जो हो जाये. मैंने काम किया है और मुझे मेरी तनख्वाह मिलनी ही चाहिए.

मै उन इंस्पेक्टर सर की सदैव आभारी रहूंगी जिन्होंने मुझे इन्साफ दिलाया उन्होंने अपना हर प्रयास किया जिससे मुझे इन्साफ मिल सके मै उनकी बहुत शुक्रगुजार  हूं और हमेशा रहूंगी. उन्होंने हार  नहीं मानी और मुझे मेरी सैलरी भी दिलाई.

हमारे देश में ऐसे ही काबिल पुलिस अफसर की जरुरत है जो फर्ज़ और कर्तव्य से बिलकुल समझौता नहीं करते हुए सही फैसला लेते है और लोगो की सदैव सहायता करते हैँ.

मै उन सभी लोगों से एक बात कहना चाहूंगी की कभी हर मत मानो. यह ज़िन्दगी आपकी है आपको पता है आपके लिए क्या सही है और क्या गलत है आपको किस चीज से किस बात से तकलीफ होती है और किस बात से ख़ुशी मिलती है.

जब बात माँ बाप की आये कभी मत झुकना हमेशा खड़े रहना कभी खुद को कमज़ोर मत समझना क्यूंकि एक आप ही हैँ जो खुद को सबसे बेहतर समझ सकते हैँ बाकी दुनिया बस अंदाजा लगा सकती है आपको ले कर लेकिन यह आपको ही पता है की आप आने वाले यह दो सेकंड में क्या करने वाले हैँ.

कोई लड़की इस दुनिया में बुद्धिहीन नहीं होती ना ही बेवकूफ़ होती है ना कोई लड़का होता है. सबको अपने हक़ के लिए लड़ना आता है. सब जानते हैँ खुद को बेहतर से भी बेहतर.

इस दुनिया में आपको भिन्न प्रकार के व्यक्तित्व के प्राणी मिलेंगे जिनसे आपको दुख मिल सकता है किसी से आपको प्यार किसी से दुलार किसी से दोस्ती किसी से हिम्मत किसी से मनोबल किसी से प्रोत्साहन और किसी से गुस्सा. यह अप पर निर्भर करता है कि आप अपना यह गुस्सा किस तरह से अपने जीवन मे लाते हैँ. ऐसे  भी लोग मिलेंगे जो अप पर दबाव बनाना चाहेंगे अपने इशारों पर घुमाना चाहेंगे बिना मतलब ऐसी बातें कहेंगे जो आप ना  चाहते हुए भी सुनेंगे.

आप खुद अपना कर्ता  धर्ता हैँ. आप चाहे तो कुछ भी आपके लिए असंभव नहीं हो सकता.

ज़िन्दगी की राह में अनेकों प्रकार के मोड़ आते हैँ यह हमारे ऊपर है कि हम किस राह  की ओर जाना चाहते हैँ.

मेरा आप सबको यही शुभकामनायें कि आप अपने जीवन में हमेशा खुश रहें और आगे बढ़ते रहें.

 

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About the Author:

I have no faith in being a winner, I believe in communicating to people. I am very upfront and clear to my own views. I am a poetess, a singer and also a sketch artist.... I love to read stories and also love to write stories and poems. I respect humanity, the nature, the beauty and so on the world. We all should respect each other and have the mentality of helping and kind nature. ❤️

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