//लहसुन और गर्भावस्था

लहसुन और गर्भावस्था

By |2020-02-27T13:00:04+00:00February 27th, 2020|Uncategorized|

ऎसी बहुत सी चीज़ें हैं, जिन्हें गर्भावस्था में खाना अनिवार्य माना जाता है और उन्हीं में से एक लहसुन है। गर्भावस्था में लहसुन खाना बहुत फायदेमंद होता है। लहसुन में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो गर्भवती महिला के लिए तो फायदेमंद होते ही हैं, साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे को भी फायदा पहुंचाते हैं।

rozbuzz_imagecredit: third party image reference

लहसुन के नियमित सेवन से गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदे होतें हैं और गर्भावस्था के दौरान जो परेशानियां होती हैं, उनमे भी लहसुन काफी कारगर सिध्द होता है – :

  1. गर्भावस्था और बालों का गिरना – गर्भावस्था में बालों का गिरना एक आम समस्या है, लेकिन अगर आप लहसुन का सेवन करते हैं तो आपको घबराने की कोई बात नहीं है।लहसुन में मौजूद एलिसिन बालों के गिरने को नियंत्रित करता है।
  2. लहसुन एक संक्रमणरोधी – लहसुन में पाए जाने वाले तत्व कई तरह के बैक्टीरिया और सर्दी-जुकाम के कारणों से सुरक्षित रखने में मददगार होते हैं। ये एक बेहतरीन संक्रमणरोधी है। ऐसे में गर्भवती को संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है। गर्भावस्था में लहसुन खाना फायदेमंद तो है लेकिन इस दौरान कोई भी डाइट लेने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ले लेना सही होगा।

rozbuzz_imagecredit: third party image reference

3.कैंसर और गर्भावस्था – गर्भावस्था के दौरान दुर्लभ किस्म के कैंसर होने के खतरे भी होते हैं। हर रोज लहसुन खाने से कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इसके नियमित सेवन से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है। 4.कोलेस्ट्रोल और गर्भावस्था – यूं तो गर्भावस्था के दौरान, कोलेस्ट्रोल के लेवल का बढ़ना, ज्यादा घबराने वाली बात नहीं है, फिर भी कोलेस्ट्रोल के लेवल को, गर्भावस्था से पहले ही कुछ हद तक कंट्रोल में रखना चाहिए।

गर्भावस्था में ट्राइसेमेस्टेर तक कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ता ही है, लेकिन कोलेस्ट्रोल ज्यादा बढ़ने से खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का खतरा कुछ बढ़ जाता है, लेकिन हमारा ख़ानपान हमारी बहुत सहायता करता है। लहसुन का गर्भावस्था में नियमित सेवन, कोलेस्ट्रोल के लेवल को कंट्रोल में रखता है।

5.गर्भावस्था और घी – गर्भावस्था में घी खाने के कई फायदे होते हैं। इसका सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए। देसी घी में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, खनिज व वसा होती है, जो गर्भावस्था के दौरान अत्यंत लाभदायक होते हैं । गर्भावस्था के दौरान मां व पेट में पल रहे शिशु दोनों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है, इसलिए इस समय देसी घी को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। गर्भावस्था में एक महिला को दिनभर में 50 ग्राम से ज्यादा फैट का सेवन नहीं करना चाहिए। देसी घी में उपलब्ध एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर को शुद्ध रखने में सहायक होते हैं।

लेकिन गर्भावस्था के समय देसी घी का सेवन शारीरिक बनावट पर भी निर्भर करता है।आपका शरीर किस प्रकार है तथा उसे कितनी मात्रा में देसी घी लेना है,  इसके लिए चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

6.गर्भावस्था और फाइबर – गर्भावस्था के दौरान फाइबर युक्त चीज़ों, हरी सब्जियों का सेवन नियमित करना चाहिए, जिससे बच्चा और माँ दोनों स्वस्थ रहते हैं।

rozbuzz_imagecredit: third party image reference

लहसुन एक प्रभावकारी औषधी भी है, जिसकी आयुर्वेद में एक अहम भूमिका है।

0

About the Author:

Helo... I have completed my post graduation from microbiology. My registered phone no. With Google pay is.. 9634001936.

Leave A Comment

four × 4 =